मराठी भाषी हमेशा सुसंस्कृत होते हैं, अपनी मातृभाषा का गौरव बनाए रखते हैं' — डॉ. अनुराधा सुपेकर, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के 74वें अधिवेशन का मंडी व्यापारी धर्मशाला में  भव्य  शुभारंभ; स्वर-शब्दों की त्रिवेणी से सजी शाम