रघुनंदन समाधिया : प्रधान संपादक : मां भगवती टाइम्स
देवास। पड़ोसी जिले इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति से आठ लोगों की दर्दनाक मौत और सैकड़ों नागरिकों के बीमार पड़ने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। कांग्रेस ने नगर निगम से मांग की है कि समय रहते चेत जाए और शहर की जलापूर्ति व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण कराए।
कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा ने इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देवास शहर का बड़ा हिस्सा पुराना है। यहां कई दशकों पूर्व डाली गई पेयजल पाइपलाइन आज भी उपयोग में है। समय के साथ ये पाइपलाइन जर्जर हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर शहर में सीवरेज प्रोजेक्ट लागू होने के बाद भूमिगत गंदे पानी की लाइनें भी बिछाई गई हैं। ऐसे में कहीं न कहीं दोनों लाइनों के आपस में मिलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि कई वार्डों में नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। विशेष रूप से मोती बंगला क्षेत्र सहित कई कॉलोनियों में नागरिकों ने बार-बार पाइपलाइन बदलने की मांग उठाई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन नालियों के ऊपर या नीचे से गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी के रिसाव का खतरा लगातार बना हुआ है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इंदौर जैसी भयावह घटना चेतावनी देती है कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाए। उन्होंने नगर निगम आयुक्त से मांग की कि जिन क्षेत्रों से गंदे पानी की शिकायतें आ रही हैं, वहां तत्काल जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएं। साथ ही पूरे शहर में एक सघन अभियान चलाकर पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों का तकनीकी परीक्षण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रशासन की थोड़ी सी लापरवाही बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।

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