रघुनंदन समाधिया : प्रधान संपादक : मां भगवती टाइम्स
शिप्रा ब्रिज से अवैध ठेले हटाये, शिप्रा घाट पर कचरा फेंकने वालों पर करें कार्रवाई
सभी सीएमओ और सीईओ को सुबह-सुबह फील्ड भ्रमण पर रहने के निर्देश
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के दिये निर्देश
कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी बैठक आयोजित
देवास, 15 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति तथा अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री दलीप कुमार, अपर कलेक्टर श्री शोभाराम सोलंकी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती विशाखा देशमुख, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती अंशु जावला, एसीईओ जिला पंचायत श्री एसएस सिंह सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे। समय-सीमा बैठक में विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।
बैठक में कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्ययोजना की समीक्षा की। कलेक्टर श्री सिंह ने निकायवार कचरा कलेक्शन की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में विकासखंडवार तैयार की गई कार्ययोजना की समीक्षा की।
कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन हो और कचरा प्रबंधन कार्ययोजना को समय-सीमा में धरातल पर उतारा जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के अधिकारियों द्वारा फ्लो-चार्ट के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की पूरी कार्ययोजना जानकारी दी गई। नगरीय निकायों द्वारा गीला-सूखा कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और 'रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल' (आरआरआर) सेंटर्स की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कचरा कलेक्शन प्रणाली निर्मित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक सुदृढ़ कचरा कलेक्शन और प्रबंधन प्रणाली निर्मित की जाए, जिन पंचायतों में कचरा वाहन उपलब्ध हैं, वहां कल से ही अनिवार्य रूप से कलेक्शन का कार्य शुरू कर दिया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने के लिए दो से तीन ग्राम पंचायतों के बीच एक कचरा गाड़ी चलाई जाये। किस दिन गाड़ी किस पंचायत में जाएगी, इसके लिए वाहनों की पंचायतों के साथ मैपिंग कर एक निश्चित रूट और दिन तय किया जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिन पंचायतों में वर्तमान में कचरा डंप करने के लिए निर्धारित जगह नहीं है, वहां तत्काल भूमि का चिन्हांकन किया जाए। इन स्थानों का उपयोग कचरे के सेग्रीगेशन के लिए होगा। उन्होंने कहा कि गीला, सूखा प्लास्टिक और नॉन-प्लास्टिक कचरे को भी पूरी तरह पृथक करने की व्यवस्था की जाए। मॉनिटरिंग के लिए जिला पंचायत और विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारी बनाये जाये। ये अधिकारी सीधे तौर पर पंचायत स्तर के डेटा को मेंटेन रखने और प्रगति की निगरानी का कार्य करेंगे। उन्होंने हर पंचायत में बड़े रीयूजेबल गली बैग की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कचरा कलेक्शन और सेग्रीगेशन के कार्य के लिए 2-2 व्यक्तियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। इन कर्मियों को कचरा प्रबंधन के तकनीकी तौर-तरीकों की बकायदा ट्रेनिंग भी दी जाए ताकि कार्य वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
कलेक्टर श्री सिंह ने सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों और जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सप्ताह में कम से कम 2 से 3 बार सुबह-सुबह फील्ड भ्रमण पर रहने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिये कि यदि किसी दुकान, ढाबे या मकान के सामने कचरा पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ तत्काल चालानी कार्रवाई करें। इसके साथ ही, उन्होंने शिप्रा ब्रिज से अवैध ठेले वालों को हटाने और शिप्रा घाट व मुख्य मार्गों पर कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्य मार्गों पर कहीं भी कचरे के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए। निर्देशों का पालन न करने वाले और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि कचरा गाड़ी के साथ चलने वाले सहयोगी वाहन के भीतर बैठे नहीं रहेंगे। वे गाड़ी के साथ पैदल चलेंगे, नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें गीला व सूखा कचरा अलग-अलग डंप करने के लिए प्रेरित करेंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल कर, बाजार कर एवं अन्य स्थानीय करों की वसूली करें। इसके लिए एक व्यवस्थित 'टैक्स कलेक्शन स्ट्रक्चर' तैयार किया किया जाये। टैक्स कलेक्शन व्यवस्था की निगरानी के लिए विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। ये नोडल अधिकारी टैक्स कलेक्शन की प्रगति की समीक्षा कर प्रति सप्ताह अपनी रिपोर्ट जिला पंचायत को प्रस्तुत करेंगे।
कलेक्टर श्री सिंह ने कृषि क्षेत्र के डिजिटल सुदृढ़ीकरण के लिए 'एग्रीस्टैक' कार्य की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रति सप्ताह का एक निश्चित लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें। वे स्वयं हर सप्ताह कार्य की प्रोग्रेस रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में विभिन्न शासकीय परियोजनाओं के लिए लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों के भूमि आवंटन मामले लंबित हैं, वहां तत्काल सरकारी भूमि का चिन्हांकन किया जाए और शीघ्र आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक में नल-जल प्रबंधन के लिए बनाई गई भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के अंतर्गत जिले में संचालित नल-जल योजनाओं को 'रैस्को मोड' में लाकर वहां सौर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने पंचायतों को नल-जल योजनाएं हैंडओवर करने की प्रगति और उसकी पोर्टल पर एंट्री की साप्ताहिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने को कहा गया। कलेक्टर श्री सिंह ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना की प्रगति की भी समीक्षा की और इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले की स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के नामांकन की स्थिति की जानकारी भी ली।
कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में वर्षाकाल को देखते हुए मुख्य मार्गों पर गोवंश प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर निर्देश दिए हैं कि बरसात के मौसम में किसी भी मुख्य मार्ग पर गोवंश नहीं बैठना चाहिए। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली कि उनके द्वारा क्या-क्या कार्यवाहियां की गई है। कलेक्टर श्री सिंह ने सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं का शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सीएम हेल्पलाइन की रैंकिंग में सभी विभागों का प्रदर्शन उत्कृष्ट होना चाहिए और सभी विभाग अनिवार्य रूप से 'ए-ग्रेड' में रहने का प्रयास करें। शिकायतों के निराकरण के लिए अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ता से बात करें। उन्होंने 50 दिवस से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का अभियान चलाकर निराकरण करने के निर्देश दिए।

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