रघुनंदन समाधिया : प्रधान संपादक : मां भगवती टाइम्स
सूर्यास्त के पश्चात और सूर्योदय से पूर्व किसी भी प्रकार के निजी या व्यवसायिक नौकायन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
बिना लाइफ जैकेट पहने किसी भी यात्री को नौकायन की अनुमति नहीं दी जाएगी
वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और बीमा वाली नावों का ही होगा संचालन
प्रत्येक नाव में लाइफ बॉय प्राथमिक चिकित्सा किट और अग्निशमन यंत्र का होना अनिवार्य
देवास, 22 मई 2026/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री ऋतुराज सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए जिले में स्थित पर्यटन स्थल जैसे नेमावर, फतेहगढ़, धाराजी, क्षिप्रा आदि पर क्षमता से अधिक भार (ओवरलोडिंग) किसी भी नाव क्रूज में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बिठाना एवं जिले में चल रही विभिन्न गतिविधियों को दृष्टिगत रखते हुए जन सामान्य के हित व जानमाल की सुरक्षा, लोकशांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए संपूर्ण जिला देवास में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किये है।
जारी आदेशानुसार बिना लाइफ जैकेट पहने किसी भी यात्री को नौकायन की अनुमति नहीं दी जाएगी। संचालक का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह प्रत्येक यात्री को मानक स्तर की लाइफ जैकेट पहनाए। सूर्यास्त के पश्चात और सूर्योदय से पूर्व (नाइट नेविगेशन) किसी भी प्रकार के निजी या व्यवसायिक नौकायन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जब तक कि विशेष अनुमति न ली गई हो। नाव चालक (रोवर) या यात्रियों द्वारा किसी भी प्रकार के मादक द्रव्यों का सेवन कर नौकायन करना दण्डनीय अपराध होगा। केवल वे ही नावें संचालित की जा सकेंगी जिनके पास संबंधित विभाग (जैसे मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड या नगर निगम) द्वारा जारी वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और बीमा उपलब्ध होगा। खराब मौसम, तेज हवा या भारी वर्षा की स्थिति में नौकायन तत्काल प्रभाव संचालक को मौसम विभाग की चेतावनियों का निरंतर अनुकरण करना। प्रत्येक नाव में लाइफ बॉय प्राथमिक चिकित्सा किट और अग्निशमन यंत्र का होना अनिवार्य है। यह नियम मछली पालन में उपयोग होने वाली नावों पर लागू नहीं होंगे।
संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी/राजस्व अधिकारी/नगरीय व ग्रामीण निकाय के सक्षम अधिकारी भी सामान्य जन एवं संबंधितों को आदेश की सूचना जारी करें। यह आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 एवं अन्य सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। संबंधित अनुभाग क्षेत्र में एसडीएम/एसडीओ (पी) आदेश का पालन सुनिश्चित कराएंगे।

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