शासन की घोषणा के बावजूद आज तक नहीं बना श्रमिक विश्राम भवन

रघुनंदन समाधिया : प्रधान संपादक : मां भगवती टाइम्स 

 

       

देवास/ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का संचालन करने के संदर्भ में अनेक घोषणाएं की थी उनमें एक घोषणा श्रमिकों के विश्राम के लिए श्रमिक विश्रामगृह बनाने का प्रस्ताव 2024 में किया गया था जिसके तहत कहा गया था कि प्रदेश के 17 नगर निगम में श्रमिक विश्रामगृह बनाए जाएंगे जहां श्रमिक और उनके परिवारों को ठहरने की सुविधा मिल सकेगी यहां तक की श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से श्रमोदय आवासीय विद्यालय बनाने का भी प्रस्ताव था ।                 

कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के 2 वर्ष होने के उपरांत आज तक देवास में श्रमिकों के विश्राम के लिए कोई विश्रामालय का निर्माण नहीं किया गया है । जबकि देवास औद्योगिक शहर होने के नाते प्राथमिकता से श्रमिकों के लिए श्रमिक विश्राम वाले अभी तक बन जाना था।इस संदर्भ में जब श्रम विभाग के अधिकारी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि बालगढ़ स्थित कबीट नगर में भवन बनाना प्रस्तावित है लेकिन अभी कोई काम शुरू नहीं हुआ है यह काम पीडब्ल्यूडी को करना है ।                          

नगर निगम में इस संदर्भ में चर्चा की गई तो बताया गया कि हमारे पास रेन बसेरा है जिसमें 25-25 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है श्रमिकों के संदर्भ में विश्रामालय  की कोई व्यवस्था नहीं है।       

इस संदर्भ में श्री शर्मा ने मांग की है कि प्रदेश सरकार इंदौर भोपाल जबलपुर सागर में श्रमिकों के लिए विश्रामगृह का निर्माण कर रही है तो फिर देवास तो औद्योगिक शहर है इसमें क्यों नहीं कांग्रेस की मांग है कि प्रदेश सरकार शीघ्र ही श्रमिकों के हित में निर्णय लेते हुए जो घोषणा की है तो श्रमिक विश्रामगृह एवं श्रमिक विद्यालय की स्थापना शीघ्र करें।

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